विशेषण (Visheshan) की अर्थ, परिभाषा, भेद, प्रकार और उदहारण

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विशेषण (Visheshan)

  • नेहा अच्छी लड़की है।
  • राहुल की कमीज लाल है।

ऊपर दिए गए वाक्यों में देख सकते है कि अच्छी शब्द लड़की और लाल शब्द कमीज संज्ञा की विशेषता यानी गुण बता रहे हैं।

विशेषण किसे कहते है (Visheshan Kise Kahate Hain)

जो शब्द संज्ञा या सर्वनाम शब्दों की विशेषता अर्थात् उनके गुण, दोष, रूप, आकार, संख्या आदि का बोध कराते हैं, उन्हें विशेषण कहते हैं।

विशेषण की परिभाषा (Visheshan Ki Paribhasha)

जिस संज्ञा अथवा सर्वनाम की विशेषता बताई जाए, उसे विशेष्य कहते हैं। जैसे-

  • लक्ष्मी बड़ी भयभीत थी। (भयभीत विशेषण, लक्ष्मी विशेष्य)
  • फलस्वरूप मेरी टांग टूट गई। (मेरी विशेषण, टाँग विशेष्य)
  • सूरज बड़ा मूर्ख है। (मूर्ख विशेषण, सूरज विशेष्य)

विशेषण के कितने भेद होते है (Visheshan Ke Kitne Bhed Hote Hain)

विशेषण के चार भेद है, नीचे देख सकते है।

  1. गुणवाचक विशेषण
  2. संख्यावाचक विशेषण
  3. परिमाणवाचक विशेषण
  4. सार्वनामिक विशेषण।

विशेषण के भेद (Visheshan Ke Bhed)

गुणवाचक विशेषण (Goonvachak Visheshan)

जिस शब्द से संज्ञा या सर्वनाम के गुण, दोष, रूप, रंग आदि का बोध कराते हैं, उन्हें गुणवाचक विशेषण कहते है। जैसे –

  • रोहित बड़ा मूर्ख है।
  • गोवा में खूबसूरत सागर तट है।
  • राजू अच्छा लड़का है।
  • शिवजी वीर पुरुष थे।
  • समीर धनी आदमी है।
  • यह लड़की बहुत सुंदर है।
  • वह पुरानी मंदिर है।
  • हिमालय पर्वत बहुत ऊंचा है।
  • छोटे बच्चे बहुत डरपोक होते है।
  • कोयल की स्वर बहुत मीठी है।

ऊपर दिए गए वाक्यों में मूर्ख, खूबसूरत, अच्छा, वीर, धनी, सुंदर, पुरानी, ऊंचा, डरपोक और मीठी शब्द विशेषण है। प्रत्येक विशेषण अपने से संबंधित संज्ञा अथवा सर्वनाम का गुण बताकर उसकी विशेषता प्रकट करता है।

गुणवाचक विशेषण के उदाहरण (Goonvachak Visheshan Ke Udaharan)

  • काल संबंधी: ताजा, बासी, नया, पुराना, वर्तमान, भूत, भविष्य, अगला, पिछला, प्राचीन आदि।
  • रंग संबंधी: सफेद, काला, नीला, पिला, लाल, हरा, गुलाबी, भूरा, बैगनी, नारंगी आदि।
  • स्थान संबंधी: ऊपर, नीचे, लंबा, चौड़ा, नीचा, सीधा, बाहरी, भीतर, स्थानीय, क्षेत्रीय आदि
  • गुण संबंधी: सच्चा, झूठा, दानी, न्याय, उचित, अनुचित, अच्छा, बुरा आदि।
  • दशा संबंधी: पतला, मोटा, छोटा, बड़ा, भारी, हल्का, सूखा, गिला आदि
  • आकार संबंधी: गोल, मटोल, सीधा, चौड़ा आदि।

संख्यावाचक विशेषण (Sankhyavachak Visheshan)

जिन शब्द से संज्ञा या सर्वनाम की संख्या का बोध करते हैं, उन्हें संख्यावाचक विशेषण कहते हैं। जैसे कि

  • राहुल दो घंटे बाद घर आया।
  • रोहित शर्मा दो-चार दिनों से अस्वस्थ थे।
  • गौरव कुछ देर बाहर खड़ा रहा।
  • आठवीं कक्षा में केवल पच्चीस विद्यार्थी उपस्थित थे।
  • मेरे पास दो मोबाइल है।
  • गणपत के चार बच्चे है।
  • सूरज के पास पांच गाय और दो भैस है।
  • क्रिकेट के ग्यारह खिलाड़ी होते है।
  • उसके पास दो से अधिक गाड़ियां है।
  • माँ में हमारे लिए कुछ आम लाई है।

ऊपर दिए गए वाक्यों में दो, दो-चार, कुछ, पच्चीस, चार, पांच, ग्यारह आदि शब्द संख्यावाचक विशेषण है।

संख्यावाचक विशेषण के प्रकार (Sankhyavachak Visheshan Ke Prakar)

संख्यावाचक विशेषण के दो प्रकार होते है, नीचे देख सकते है।

  1. निश्चित संख्यावाचक विशेषण: दो, तीन, चार, पांच, साथ, एक किलो, पांच क्विंटल, आठ मीटर आदि।
  2. अनिश्चित संख्यावाचक विशेषण: थोड़ा, इतना, कुछ, ज्यादा, बहुत, कम, जितना, ढेर, सारा।

निश्चित संख्यावाचक विशेषण (Nishchit Sankhyavachak Visheshan)

निश्चित संख्यावाचक विशेषण के छह भेद होते है, नीचे देख सकते है।

पूर्णांक बोधक विशेषण (Purnak Bodhak Visheshan)

जैसे – एक, दस, सौ, हजार, लाख, करोड़ आदि।

  • एक लड़की दुकान जा रही है।
  • दस बच्चे स्कूल जा रहे है।
  • बस स्टेशन पर सौ लोगों की भीड़ थी।
  • एक लाख लोग सरकारी नौकरी के लिए परीक्षा देंगे।
  • सोनू करोडों रुपयों का मालिक है।
  • नेहा ने शेयर मार्केट में पांच लाख रुपए लगाया है।
  • रेलवे स्टेशन पर हजारों लोग ट्रैन का इंतेजार कर रहे थे।
  • रोहित ने मुझसे दस हजार रुपये लिए है।
  • मैंने अपने बच्चे के लिए दो आम लाया है।
  • आज मेरे घर तीन दोस्त आने वाले है।
अपूर्णांक बोधक विशेषण (Apurnak Bodhak Visheshan)

जैसे – पौना, डेढ़, ढाई, सवा आदि।

  • मेरे पास केवल ढाई सौ रुपये है।
  • माँ ने मुझे डेढ़ सौ रुपये दिए।
  • दुकान दार ने डेढ़ ग्राम तेल कम दिया है।
  • मुझे सवा किलों चावल देदों।
  • मेरे दोस्त ने मुझे सवा सौ दिए।
क्रमवाचक विशेषण (Kramvachak Visheshan)

जैसे – पहला, दूसरा, चौथा, चौदहवाँ, पचासवाँ आदि।

  • यह हमारे स्कूल का पहला लड़का है जिसने टॉप किया है।
  • यह दूसरा लड़का है जिसने हमारे कॉलेज में टॉप किया है।
  • राहुल कक्षा में प्रथम रहा।
  • यह हमारे घर का ग्यारहवाँ लड़का है।
  • आज इस महीने का बारहवाँ दिन है।
आवृत्तिवाचक विशेषण (Aavrutivachak Visheshan)

जैसे – दुगुना, तिगुना, पाँचगुना, सातगुना, दसगुना, बिसगुन, पचासगुना आदि।

  • राहुल तुमसे दुगुना काम करता है।
  • शेयर मार्केट में मेरा पैसा बिसगुन हो गया।
  • आज इस जमीन की कीमत तिगुना हो गया है।
समूहवाचक विशेषण (Samuhvachak Visheshan)

जैसे – दोनों, चारों, दसों, पचासों, हजारों, लाखों आदि।

  • आप दोनों को रेलवे स्टेशन जाना होगा।
  • तुम तीनों को यहाँ से जाना होगा।
  • आप चारों को गांव जाना पड़ेगा।
  • यहाँ से पचासों लोग गांव चले गए।
  • कल आप चारों को स्कॉल जाना होगा।
प्रत्येक बोधक विशेषण (Pratayek Bodhak Visheshan)

जैसे – प्रति, प्रत्येक, दो-दो आदि।

  • दो-दो व्यक्तियों को अंदर जाना है।
  • प्रत्येक को खाना मिलेगा।
  • हरेक को प्रसाद मिलेगा।

अनिश्चित संख्यावाचक विशेषण (Anishchit Sankhyavachak Visheshan)

जैसे – कई, काफी, कुछ, बहुत, सारे, अनेक आदि।

  • सारे सेब खराब हो गए।
  • कई लोगों राहुल की तारीफ की।
  • पुस्तकालय में अनेक पुस्तक होते है।
  • इस जगह पर काफी लोग आते है।
  • इस होटल के खाने को कुछ लोग पसंद करते है।
  • इस जगह पर बहुत लोग आते रहते है।

परिमाणवाचक विशेषण (Parimaanvachak Visheshan)

जिस शब्द से संज्ञा या सर्वनाम की मात्रा (नाप-तौल) का बोध होता हैं, उसे परिमाणवाचक विशेषण कहते हैं। जैसे – दो मीटर, चार किलो, थोड़ा, एक क्विंटल आदि।

परिमाणवाचक विशेषण के उदाहरण (Parimaanvachak Visheshan Ke Udaharan)

  • आपकी चाय में कितनी चीनी डालूँ?
  • डिब्बे में दस किलो गहु हैं।
  • उसे दो मीटर रस्सी देदों।
  • नेहा को थोड़ा दाल देदों।
  • एक क्विंटल चावल रोहित के घर पर पहुंचा दों।

परिमाणवाचक बोधक विशेषण (Parimaanvachak Bhodhak Visheshan)

परिमाणवाचक बोधक विशेषण के दो प्रकार होते है, नीचे देख सकते है।

  1. निश्चित परिमाणवाचक: दस क्विटल, तीन किलो, डेढ़ मीटर।
  2. अनिश्चित परिमाणवाचक: थोड़ा, इतना, कुछ, ज्यादा, बहुत, अधिक, कम, तनिक, थोड़ा, इतना, जितन, सारा।

सार्वनामिक विशेषण (Sarvnamik Visheshan)

जिस सर्वनाम शब्द वाक्य में विशेषण का कार्य करता हैं, उन्हें सार्वनामिक विशेषण कहते हैं। जैसे –

सार्वनामिक विशेषण के उदहारण (Sarvnamik Visheshan Ke Udaharan)

  • यह टी.वी हमने पहले ही बुक कर लिया है।
  • यह हमारी भैस की सारा चारा खा गई।
  • वह लड़की बहुत अच्छी है।

विशेषण शब्दों का निर्माण

संज्ञा या क्रियाओं में अलग-अलग प्रत्यय लगाकर उसे विशेषण बनाये जाते है, नीचे देख सकते है।

मूल शब्दप्रत्ययविशेषण
आकर्षण
अहिंसा
अकआकर्षक
अहिंसक
प्यार
झूठ
प्यारा
झूठा
दया
ईष्या
आलुदयालु
ईर्ष्यालु
धर्म
समाज
इकधार्मिक
सामाजिक
नियम
चिंता
इतनियमित
चिंतित
देश
किताब
देशी
किताबी
नमकईननमकीन
भारत
राष्ट्र
ईयभारतीय
राष्ट्रीय
जहर
बर्फ
ईलाजहरीला
बर्फीला
शान
ईमान
दारशानदार
ईमानदार
खतरा
दर्द
नाकखतरनाक
दर्दनाक
भाग्य
बल
वानभाग्यवान
बलवान
अक्ल
भरोसा
मंदअक्लमंद
भरोसेमंद
बुद्धि
श्री
मानबुद्धिमान
श्रीमान
कमाना
उड़ाना
आऊकमाऊ
उड़ाऊ
सुहाना
लुभाना
अवनासुहावना
लुभावना
उड़ना
लड़ना
आकूउड़ाकू
लड़ाकू
झगड़नाआलूझगड़ालू
जड़ना
लिखना
इतजड़ित
लिखित
शरमाना
लजाना
ईलाशरमीला
लजीला
हँसनाओड़हँसोड़
समझना
चमकना
दारसमझदार
चमकदार

हिंदी व्याकरण (Hindi Grammar)

  1. संज्ञा
  2. सर्वनाम
  3. विशेषण
  4. क्रिया
  5. कारक
  6. विराम चिन्ह
  7. लिंग
  8. वचन
  9. पर्यायवाची (समानार्थी) शब्द
  10. विलोम (विरुधार्थी) शब्द
  11. अनेकार्थी शब्द

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