विराम चिन्ह (Viram Chinh) किसे कहते है

विराम चिन्ह (Viram Chinh)

गाय को रोको, नही तो किसी को नुकसान पहुँचा सकती है।गाय को रोको नही, तो किसी को नुकसान पहुँचा सकती है।
उसे रोकना होगा, नही तो वह उसे मर देगा।उसे रोकना होगा नही, तो वह उसे मर देगा।

इन दोनों वाक्यों में अलग-अलग स्थान पर विराम चिन्ह लगाया गया है, लेकिन इनका भाव एक जैसा नही रहा।

विराम चिन्ह किसे कहते है (Viram Chinh Kise Kahte Hai)

विराम का अर्थ है रुकना, ठहरना या विश्राम लेना। हम बातचीत करते समय अपनी बात पर बल देने के लिए या समझाने के लिए थोड़ी देर रुक या विश्राम लेते है। बीच में रुकने की इस प्रक्रिया को विराम कहते हैं। किसी शब्द को लिखते समय इस प्रक्रिया के लिए कुछ निश्चित चिन्हों का प्रयोग किया जाता है, जिन्हें विराम चिन्ह कहा जाता है।

विराम चिन्ह के कितने प्रकार होते है (Viram Chinh Ke Kitne Prakar Hote Hain)

क्र.चिन्हनाम
1पूर्ण विराम
2,अल्प विराम
3;अर्ध विराम चिन्ह
4?प्रश्नसूचक चिन्ह
5योजक चिन्ह
6!विस्मयसूचक चिन्ह
7‘ ‘इकहरा उद्धरण चिन्ह
8” “दोहरा उद्धरण चिन्ह
9:-विवरण चिन्ह
10( )कोष्ठक चिन्ह
11लाघव चिन्ह
12पदलोप चिन्ह

विराम चिन्ह के प्रकार (Viram Chinh Ke Prakar)

पूर्ण विराम (।)

जब वाक्य पूर्ण होता है, तब वहाँ पूर्ण विराम का प्रयोग किया जाता है।

उदाहरण

  • राहुल को सरकारी नौकरी लगी है।
  • नेहा ने स्कूल में टॉप किया है।
  • वह फुटबॉल खेलने गया है।
  • कल से रोहित ने कुछ नही खाया है।
  • वह लड़का बहुत सुंदर है।
  • मुझे स्कूल जाना पसंद है।
  • मैं प्राइवेट कंपनी में काम करता हूं।
  • हम सब पिकनिक जा रहे है।
  • वह एक्टर बनना चाहती है।
  • मुझे डॉक्टर बनना है।

अल्प विराम (,)

पढ़ते या लिखते समय जिस स्थान पर थोड़ी देर रुकना हो, वहाँ अल्प विराम का प्रयोग किया जाता है अथवा एक से अधिक वस्तुओं को दर्शन के लिए अल्प विराम का प्रयोग किया जाता है।

उदाहरण

  • रुको, मुझे भी बाजार जाना है।
  • ठहरो, माँ ने हमकों रुकने के लिए कहाँ है।
  • वह जो मांगता है, वो मैं दे देता हूं।
  • ऐसी कारीगरी, ऐसा काम मैंने पहली बार देखी है।
  • मुझे शेर, हिरण, हाथी आदि जानवरों से डर लगता है।
  • राम, राहुल, रोहित सब हनुमान मंदिर गए है।
  • मुझे आम, पपीता, सेब, केला आदि पसंद है।
  • रोज सुबह काजू, बादाम और किशमिश खाना चाहिए।
  • रुकिए, मैं भी आपके साथ जाना चाहती हूं।
  • कल स्कूल में सब लोग अपना अपना पेन, पेंसिल, रबर आदि चीजे लेकर आएंगे।

अर्ध विराम (;)

जहाँ अल्प विराम से कुछ अधिक देर रुकना हो, वहाँ अर्ध विराम का प्रयोग किया जाता है।

उदाहरण

  • हम जाहे कितना भी लड़ें, झगड़े; बाहरी शत्रु के लिए हम एक है।
  • मैं तुम्हारे साथ रहूंगा; चाहे कुछ भी जाएं।
  • हाँ क्षण भर; पर अच्छा लगा।
  • यह गाड़ी ज्यादा दोनों तक नही चलने वाली; यह बहुत पुरानी है।
  • कल रविवार है; छुट्टी है; आराम मिलेगा।
  • मैंने तो पहले ही कहाँ था; वह नही मानेगा।

प्रश्नसूचक चिन्ह (?)

यह प्रश्न का बोध कराता है और इससे वाक्य के अंत में प्रयोग किया जाता है।

उदाहरण

  • आपको क्या लगता है?
  • तुम खेलने क्यों नही जा रहे हो?
  • क्या वो मुझे पसंद करता है?
  • क्या तुमने राहुल और नेहा को देख?
  • मुझे मोबाइल कब मिलेगा?
  • क्या तुमने खाना खाया?
  • तुमने उसे क्यों मारा?
  • उसे खाने में क्या पसंद है?
  • क्या तुमने कभी सांप को देखा है?
  • ये किताब किसकी है?

योजक चिन्ह (-)

योजक चिह्न का प्रयोग दो शब्दों को जोड़ने के लिए किया जाता है। यह चिन्ह दर्शाता है कि इसके दोनों ओर के शब्द परस्पर मिले हुए हैं।

उदाहरण

  • मुझे अलग-अलग समान लेना है।
  • मुझे दूर-दूर तक पानी-ही-पानी दिख रहा है।
  • वह दिन-रात मोबाइल गेम खेलता रहता है।
  • मेरे जीवन में दुःख-ही-दुःख है।
  • राहुल के जीवन में सुख-ही-सुख है।
  • उसे अलग-अलग रखना।
  • उसका चल-चलन अच्छा नही है।
  • मुझे दूर-दूर तक कोई दिखाई नही दे रहा है।
  • एक गरीब आदमी भूखा-प्यास मेरे घर आया था।
  • उनका आना-जाना लगा रहता है।

विस्मयसूचक चिन्ह (!)

हर्ष, शोक, घृणा, विस्मय, भय आदि भावों को व्यक्त करने के लिए जो शब्द आते हैं, उनके बाद इस विस्मयसूचक चिन्ह का प्रयोग किया जाता है अथवा इस चिन्ह का प्रयोग अव्यय शब्द से पहले किया जाता है।

उदाहरण

  • वाह! उसने बहुत अच्छा काम किया।
  • वाह! आपने तो कमाल कर दिया।
  • हाय! वो नीचे गिर गयी।
  • अरे! उसे कोई बचाओ।
  • शाबाश! तुमने अच्छा काम किया।
  • छी:छी! वह कितना गंदा है।
  • हे राम! मेरे बच्चे को क्या हो गया।
  • हे भगवान! उसे क्या हो गया।
  • वाह! आपने क्या बात कहीं है।
  • राहुल! इधर आना।

इकहरा उद्धरण चिन्ह (‘ ‘)

किसी व्यक्ति के नाम, उपनाम या किसी पुस्तक का नाम लिखते समय इकहरा उद्धरण चिन्ह का प्रयोग किया जाता है।

उदाहरण

  • ‘टाँग का टूटना’ यानी सार्वजनिक अस्पताल में कुछ दिन बिताना।
  • ‘प्रिय प्रवास’ खड़ी बोली का प्रथम महाकाव्य है।
  • ‘राहुल’ और ‘रोहित’ बाहर गए है।

दोहरा उद्धरण चिन्ह (” ”)

जब किसी के कथन को बिना किसी परिवर्तन के, ज्यों का त्यों लिखना हो, वहाँ दोहरा उद्धरण चिन्ह का प्रयोग किया जाता है।

उदाहरण

  • क्रिकेट खिलाड़ी की प्रशंसा करते हुए चाचा ने कहा, “एक दिन तुम देश का नाम रोशन करोगे।”
  • सोनू ने मुस्कराकर कहा, “यह तुम्हारी माँ ही कर सकती है।”
  • राहुल ने कहा, “मैं स्कूल नही जाऊंगा।”
  • मास्टर जी ने कहा, “कल स्कूल में आते समय फूल लाना।”
  • राहुल ने नेहा को कहा, “सत्य बोलना सबसे बड़ा धर्म है।”
  • गांधी जी ने कहा, “हमेशा सत्य की जीत होती है।”
  • माँ ने कहा, “आते समय सब्जी लेते आना।”
  • पाप ने कहा, “आज से तुम कही नही जाओगे।”
  • उसने कहा, “कल छुट्टी है।”

विवरण चिन्ह (:-)

जब किसी वाक्यांश के बारे में कुछ विस्तार से कहना हो या किसी पद की व्याख्या करनी हो, तब विवरण चिन्ह का प्रयोग करते है।

उदाहरण

  • विशेषण के निम्नलिखित भेद होते हैं:- गुणवाचक, संख्यावाचक, परिमाणवाचक और सार्वनामिक।
  • हिंदी में दो वचन होते है:- एकवचन और बहुवचन।
  • संज्ञा के पांच भेद होते है:- व्यक्तिवाचक संज्ञा, जातिवाचक संज्ञा, भाववाचक संज्ञा, द्रव्यवाचक संज्ञा और समूहवाचक संज्ञा।
  • क्रिया के मुखता: दो भेद है:- अकर्मक क्रिया और सकर्मक क्रिया।
  • काल के तीन भेद होते है:- भूतकाल, वर्तमानकाल और भविष्यकाल।

कोष्ठक चिन्ह (( ), { }, [ ])

किसी पद का अर्थ प्रकट करने के लिए या नाटकों में पात्र के भाव प्रकट करने के लिए कोष्ठक चिन्ह का प्रयोग किया जाता है।

उदाहरण

  • गोपाल प्रसाद (उमा से): तो तुमने गांधी जी कॉलेज से पढ़ाई की है।
  • माँ (चिल्लाते हुए) “तुम यहाँ कैसे आए?
  • राहुल ने रोहित (नेहा के पिता) जी से कुछ पैसे मांगे।

लाघव चिह्न (0)

जो शब्द बहुत प्रसिद्ध हो या उसके बार-बार लिखने की आवश्यकता पड़े, तो उसका पहला अक्षर लिखकर आगे शून्य लगा देते हैं। यह शून्य को लाघव चिन्ह कहाँ जाता है।

उदाहरण

  • पं० (पंडित के स्थान पर)
  • डॉ० (डॉक्टर के स्थान पर)
  • इंजी० (इंजीनियर के स्थान पर)
  • प्रो० (प्रोफेसर के स्थान पर)
  • रा० (राजस्थान के स्थान पर)

पदलोप चिन्ह (…)

जब वाक्य में कुछ अंश छोड़ कर लिखना हो तो पदलोप चिन्ह का प्रयोग किया जाता है।

उदाहरण

  • राहुल ने राजू से कहा…।
  • मैं स्कूल जाऊंगा लेकिन…।
  • मैं गांव जरूर जाऊंगा…पर तुम्हारे साथ।
  • उसने उससे कहा कि…।
  • क्या कहा…।

विराम चिन्ह के उदाहरण (Viram Chinh Ke Udahran)

क्र.चिन्हनामवाक्य में प्रयोग के उदाहरण
1पूर्ण विरामदूध बेचना मेरा काम है।
2,अल्प विरामअरे हाँ, उन्होंने आज मुझे बुलाया है।
3;अर्ध विराम चिन्हहाँ क्षण भर; पर अच्छा लगा।
4?प्रश्नसूचक चिन्हप्रश्नसूचक चिह्न यह पेन किसका है?
5योजक चिन्हयह आदमी पढा-लिखा है।
6!विस्मयसूचक चिन्हवाह! क्या किस्मत है उसकी।
7‘ ‘इकहरा उद्धरण चिन्हराहुल को ‘चॉकलेट’ पसंद है।
8” “दोहरा उद्धरण चिन्हनेहा ने कहा, “मुझे वह पसंद नही है।”
9:-विवरण चिन्हविवरण के लिए नीचे देखे:-
10( )कोष्ठक चिन्हस्नेहा (हस्ते हुए): मैंने उसे कहा था कि तुम चिक्कल में गिर जाओगे।
11लाघव चिन्हलाघव चिह्न डॉ (डॉक्टर के स्थान पर)
12पदलोप चिन्हनेहा ने राजू से कहा…।

हिंदी व्याकरण (Hindi Grammar)

  1. संज्ञा
  2. सर्वनाम
  3. विशेषण
  4. क्रिया
  5. कारक
  6. विराम चिन्ह
  7. लिंग
  8. वचन
  9. पर्यायवाची (समानार्थी) शब्द
  10. विलोम (विरुधार्थी) शब्द
  11. अनेकार्थी शब्द

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